ब्रज की धरती पर त्योहार सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि महीनों की तैयारी होती है। यहाँ हर त्योहार का अपना एक अलग स्वाद और सुगंध है।
1. ब्रज की होली और गुजिया
होली हो और ब्रज में गुजिया न बने, यह असंभव है। मावा, सूखे मेवे और मिश्री से भरी हुई गुजिया जब शुद्ध देसी घी में तली जाती है, तो उसकी खुशबू पूरे मोहल्ले में महकती है। ब्रज की होली में ‘ठंडाई’ का भी अपना महत्व है, जिसमें बादाम, सौंफ और गुलाब की पंखुड़ियाँ मिश्रित होती हैं।
2. दीपावली पर मिठाइयों की बहार
दीपावली के समय ब्रज के घरों में मठरी, शक्करपारे और बेसन के लड्डू बनाए जाते हैं। ये पकवान कई दिनों तक खराब नहीं होते और घर आए मेहमानों का स्वागत इन्हीं से किया जाता है। इन सब में ‘शुद्धता’ का सबसे ज्यादा ध्यान रखा जाता है।
3. अन्नकूट और छप्पन भोग
दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा पर ‘अन्नकूट’ का विशेष महत्व है। इसमें सभी मौसमी सब्जियों को मिलाकर एक अद्भुत सब्जी बनाई जाती है जो ‘ब्रज का अमृत’ कहलाती है। यह सामुदायिक प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
निष्कर्ष:
ब्रज के त्योहार हमें मिल-बाँटकर खाने और खिलाने की शिक्षा देते हैं। brijwasivyanjan.com पर हमारी कोशिश है कि हम इन्हीं त्याहारी पकवानों की असली विधि आप तक पहुँचाएँ।